![]()
ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में सरकारी और निजी जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री का बड़ा खेल सामने आया है। एक शातिर ठग ने खुद को जमीन मालिक बताकर ‘साईं बाबा एग्रो एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर को 34 लाख 5 हजार रुपए में जमीन बेच दी और फर्जी दस्तावेज थमा दिए। मामले का खुलासा तब हुआ, जब खरीदार जमीन का नामांतरण कराने राजस्व विभाग पहुंचा। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित महीनों तक थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। आखिरकार उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज किया है। मार्च 2024 में हुई रजिस्ट्री, जून में खुला फर्जीवाड़ा पुलिस के मुताबिक, माधव नगर निवासी भावेश वाधवानी ‘साईं बाबा एग्रो एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर हैं। वर्ष 2024 की शुरुआत में उन्होंने आरोपी रामपाल सिंह तोमर से ग्राम गिरवाई स्थित कृषि भूमि (सर्वे नंबर 1149 और 1150, कुल रकबा 0.1872 हेक्टेयर) खरीदने का सौदा किया था। सौदा 34 लाख 5 हजार रुपए में तय हुआ और 2 मार्च 2024 को रजिस्ट्रार कार्यालय में बाकायदा रजिस्ट्री भी करा दी गई। पूरी रकम चुकाने के बाद भावेश ने जमीन अपने नाम कराने के लिए तहसीलदार कार्यालय में आवेदन दिया। लेकिन 13 जून को आई पटवारी की जांच रिपोर्ट ने पूरा मामला खोल दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि जिन सर्वे नंबरों की जमीन बेची गई, उतनी जमीन आरोपी रामपाल तोमर के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में बची ही नहीं थी। एक ही जमीन कई लोगों को बेच चुका था आरोपी इसके बाद जब पीड़ित ने अपने स्तर पर जमीन की जांच कराई, तो एक और बड़ा खुलासा हुआ। पता चला कि आरोपी रामपाल तोमर इसी जमीन का करीब 25 हजार वर्ग फीट हिस्सा पहले ही चार अन्य लोगों — असन बहरानी, निशा असरानी, एकता बनवारी और ज्योति देवी को बेच चुका था। रजिस्ट्रार ऑफिस की रिपोर्ट में हुआ सबसे बड़ा खुलासा मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य तब सामने आया, जब रजिस्ट्रार कार्यालय से जमीन से संबंधित रिकॉर्ड मंगाए गए। जांच में पता चला कि आरोपी द्वारा दिखाए गए दस्तावेज, ग्रंथ और रजिस्ट्री नंबर पूरी तरह फर्जी थे। सरकारी रिकॉर्ड में इस जमीन का वास्तविक मालिक राजेश कुकरेजा निकला। यानी आरोपी ने ऐसी जमीन बेच दी, जिस पर उसका कोई अधिकार ही नहीं था। पुलिस ने नहीं सुनी तो कोर्ट पहुंचा पीड़ित अपनी गाढ़ी कमाई के साढ़े 34 लाख रुपए फंसने के बाद पीड़ित भावेश वाधवानी ने आरोपी से रकम वापस मांगी, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने विश्वविद्यालय थाने में शिकायत दर्ज कराई, मगर कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार पीड़ित ने न्यायालय में परिवाद दायर किया। कोर्ट ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच विश्वविद्यालय थाना पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरह की फर्जी रजिस्ट्रियों से और कितने लोगों को ठगा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं रजिस्ट्रार कार्यालय या राजस्व विभाग का कोई कर्मचारी भी इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल तो नहीं था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
Source link
कंपनी संचालक से जमीन का सौदा, 34 लाख रुपए ठगे:एक ही जमीन को कई बार बेचा, कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी की FIR















Leave a Reply