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चित्रकूट की ग्राम पंचायत सिकरी में सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन यजमान विजयपाल सिंह और हेमराज सिंह परिवार द्वारा समाज के कल्याण और सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है। प्रयागराज से पधारे कथाकार बालकृष्ण भार्गव महाराज कथा का वाचन कर रहे हैं। कथा के दूसरे और तीसरे दिन उन्होंने बताया कि कलयुग में श्रीमद् भागवत पुराण कल्पवृक्ष के समान है। इसके श्रवण से दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की अनेक कथाएं सुनाईं। उन्होंने ऋषि नारद के पूर्व जन्म के चरित्र का आध्यात्मिक दर्शन कराते हुए राजा परीक्षित के जन्म का सुंदर वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की कथा अमृत के समान है, जिसमें जीवात्मा रूपी गोपियां भगवान कृष्ण के प्रति आस्था, विश्वास और प्रेम के साथ समर्पित होती हैं।
उन्होंने समझाया कि जब जीवात्मा मोह त्याग कर परमात्मा में विलीन हो जाती है, तो वह अमर भक्ति का रूप ले लेती है। श्रीमद् भागवत कथा राष्ट्र चेतना, सांस्कृतिक आत्मबोध और युवा शक्ति को सनातन धर्म के प्रति प्रेरक संदेश देती है। कथा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, संस्कार और सामाजिक दायित्व की भावना जागृत होती है, जिससे आध्यात्मिक और वैचारिक ऊर्जा का अनुभव होता है। महाराज ने यह भी बताया कि हर युग में मातृशक्ति का अपमान करने वाले दुर्योधन, रावण और कंस जैसे महान राजाओं को भी कष्ट झेलने पड़े। उन्होंने कहा कि यह महापुराण समाज को सत्य मार्ग, भक्ति, निष्ठा, विश्वास और प्रेम का साधन है। श्रीमद् भागवत पुराण मोक्ष प्रदान करने का सुगम मार्ग बताता है और इसके श्रवण से कलयुग के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। कथा श्रवण के लिए पुष्पराज सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, रामनिवास सिंह, राधे श्याम पांडेय, श्याम लाल, मूलचंद सिंह, मनोज सिंह, रमेश सिंह, बृजेश सिंह, छेदीलाल सिंह, गुलबदन सिंह, छेदीलाल पांडेय, बच्चा जयसवाल, कामता प्रसाद, बाल गोविंद सिंह सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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चित्रकूट की सिकरी पंचायत में भागवत कथा:समाज कल्याण और सनातन रक्षा के लिए आयोजन














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