छतरपुर में दलित मूक-बधिर युवक से मारपीट:आरोप- नाई की दुकान पर कुर्सी बैठा तो पीट दिया, 12 दिन बाद भी FIR नहीं




छतरपुर जिले में एक मूक-बधिर दलित युवक के साथ कथित जातिगत भेदभाव और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि बाल कटाने पहुंचे युवक के नाई की दुकान पर कुर्सी पर बैठने का विरोध करते हुए उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। युवक को सिर में गंभीर चोट आई और आधा दर्जन टांके लगे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद 10 से 12 दिनों तक पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। अब (शुक्रवार) पीड़ित अपने पिता के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा है। मामला लुगासी चौकी के थाना क्षेत्र के बनगांय का है, जहां पीड़ित मूक बधिर के पिता कामता अहिरवार ने बताया कि वह ओरछा थाना क्षेत्र के भगवंतपुरा गांव निवासी हैं। उनके गांव में नाई की दुकान नहीं होने के कारण उनका 23 वर्षीय मूक-बधिर बेटा रामकिशन अहिरवार 2 मई को लुगासी चौकी क्षेत्र के बनगांव में बाल कटाने था। दुकान पर भीड़ होने के कारण वह कुर्सी पर बैठ गया। परिजनों के अनुसार, वहां मौजूद लोगों ने युवक का नाम और जाति पूछी। युवक बोल और सुन नहीं सकता था, इसलिए जवाब नहीं दे पाया। इस दौरान नाई ने बताया कि वह पड़ोसी गांव का दलित है। कुर्सी पर बैठने से आपत्ति जताई
आरोप है कि यह सुनते ही गांव निवासी हन्नू विश्वकर्मा ने उसके कुर्सी पर बैठने पर आपत्ति दर्ज कराई और जातिसूचक शब्द कहे और युवक को कुर्सी से उठाने लगा। युवक के नहीं उठने पर कुर्सी और उसके ऊपर पानी डाल दिया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। हमले में युवक के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं सिर से खून बहने लगा। पिता का आरोप है कि घायल अवस्था में जब वे बेटे को लेकर लुगासी चौकी पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि चौकी प्रभारी ने कहा कि युवक मूक-बधिर है, इसलिए पहले किसी विशेषज्ञ द्वारा साइन लैंग्वेज में बयान लिया जाएगा, तभी FIR दर्ज होगी। पीड़ित पिता ने सवाल उठाते हुए कहा, “मैं खुद अपने बेटे के साथ हुई घटना बता रहा हूं, फिर रिपोर्ट क्यों नहीं लिखी गई? क्या कानून में लिखा है कि दिव्यांग व्यक्ति की शिकायत दर्ज नहीं होगी?” एसपी बोले- पिता के बयान पर एफआईआर होगी
इधर, लुगासी चौकी प्रभारी ओशो गुप्ता का कहना है कि पीड़ित के मूक-बधिर होने के कारण विशेषज्ञ की सहायता से उसका कथन लिया जाना जरूरी है। इसके बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मामले की जानकारी सामने आने के बाद एसपी रजत सकलेचा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित युवक की भाषा समझने में कठिनाई होने के कारण उसके पिता के कथनों के आधार पर FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।



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