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सात स्टॉकयार्ड भी बनाए गए झारखंड में बालू खनन पर 10 जून से लगने वाली एनजीटी की रोक से पहले सरकार ने बालू संकट से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार अधिक से अधिक बालू निकालकर सुरक्षित स्टॉक तैयार करने पर ज्यादा जोर है, ताकि मानसून के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित न हो। इसके लिए विभिन्न जिलों के डीसी ने नौ महत्वपूर्ण बालू घाटों की लीज डीड पर हस्ताक्षर कर दिए है। इन घाटों के संचालन के लिए कंसेंट टू एस्टेब्लिस (सीटीई) और कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। झारखंड में कुल 444 बालू घाट हैं। इनमें से 299 घाटों की नीलामी हो चुकी है। इनमें से 35 घाटों को पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें नौ घाटों की लीज डीड फाइनल हो चुकी है। जिन 35 घाटों को पर्यावरण स्वीकृति मिली है, उनका कुल क्षेत्रफल 192.2 हेक्टेयर है। इनमें सबसे अधिक 85.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले बालू घाट पूर्वी सिंहभूम में है। यहां गुड़ाबांदा अंचल के कोरेयामोहनपाल और स्वर्णरेखा नदी क्षेत्र के घाट सबसे बड़े हैं। इसके बाद बाकारो में 30.86 हेक्टेयर और हजारीबाग में 15.26 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले घाट शामिल हैं। और यहां बनाए गए स्टॉकयार्ड… गोड्डा: लोचनी, राजोन कला, मखनी {रांची: गाड़ीहालमद {बोकारो: खेतको {जमशेदपुर: कोरेयामोहनपाल व स्वर्णरेखा एक माह में 2 करोड़ सीएफटी बालू स्टॉक करने का लक्ष्य राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण के निर्देश के अनुसार आमतौर पर एक हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले बालू घाट की क्षमता करीब पांच लाख सीएफटी होती है। इसे सात-आठ महीने में निकाला जा सकता है। इस लिहाज से लीज डीड वाले इन घोटालें की कुल वार्षिक क्षमता करीब 3.5 से 5 करोड़ सीएफटी आंकी गई है। चूंकि मानसून के दौरान नदियों से बालू निकालने पर एनजीटी की रोक रहती है। इसलिए यह रोक लागू होने से पहले करीब दो करोड़ सीएफटी बालू का स्टॉक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इन घाटों को मिली पर्यावरण स्वीकृति जिला कुल घाटों की प्रमुख घाट क्षेत्रफल संख्या पू. सिंहभूम 85.40 3 कोरेयामोहनपाल, सुवर्णरेखा, बनकाटा बोकारो 30.86 2 खेतको-चाल्करी, पिछरी-2 हजारीबाग 15.26 6 कांडतारी, सोनपुरा, बैरीसाल, लंगातू- सिकरी-पंडरिया, गोसाईं बलियां, चोबदार बलियां दुमका 13.54 5 हरिपुर, कटनई, छोटकामती, सिमरा, हरिपुर रांची 12.50 3 श्यामनगर, चोकेसेरेंग, सुंडिल जामताड़ा 9.60 3 अमलाचतर, असनचुआ, बनखेत गोड्डा 9.59 4 सनातन, राहा, झिलुआ, जसमाता-2 लातेहार 7.69 4 राजहार, मारमार, बजकुम, टुबेड खूंटी 4.54 2 पांडु, बुधि रोमा रामगढ़ 4.01 3 सिरका, टोकीसुद, पैंकी असर क्या…बालू की कीमत 50% तक घटेगी अभी बालू का अवैध खनन हो रहा है। प्रति 100 सीएफटी बालू 5500 से 6000 रुपए में बिक रहा है। लेकिन सरकारी स्टॉकयार्ड से सीधे सप्लाई शुरू होने के बाद परिवहन लागत और सरकारी रॉयल्टी को जोड़कर भी बालू की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक की कमी आएगी। जब स्वीकृत 35 घाट और स्टॉकयार्ड से पूरी क्षमता से काम होगा तो यही 100 सीएफटी बालू 2800 से 3000 रुपए के बीच मिलेगा। इन घाटों की लीज फाइनल क्षेत्रफल हेक्टेयर और क्षमता सीएफटी में जिला बालू घाट क्षेत्रफल वार्षिक क्षमता रांची श्यामनगर 5.00 25,42,658 रांची चोकेसेरेंग 3.50 13,80,545 बोकारो पिछरी-2 4.72 14,82,052 बोकारा खेतको चलकारी 4.72 14,82,052 गोड्डा राहा बालू घाट 1.97 5,20,962 गोड्डा झिलुआ 1.82 3,35,984 जामताड़ा असनचुआ 1.27 1,62,572 जमशेदपुर कोरियामोहनपाल 34.70 — जमशेदपुर स्वर्णरेखा 46.30 —
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रांची सहित 10 जिलों के 35 बालू घाटों को पर्यावरण स्वीकृति, 9 की लीज फाइनल












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