लाठी-डंडों से पति को पीट-पीटकर मार डाला:मां बोली- लड़कों के साथ बाइक पर घूमती थी; बहन बोली- गर्म बर्तनों से जलाया, भाई तड़पता रहा




मध्य प्रदेश के छतरपुर में मंगलवार को पत्नी ने लाठी-डंडों और बर्तनों से जमकर पीटा।पिटाई से पति के शरीर पर गंभीर चोटें आईं हैं। पेट-पीठ और कमर के हिस्सों में निशान पड़ गए हैं। युवक ने जिला अस्पताल में तड़प-तड़पकर जान चली गई। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान महोबा रोड निवासी 37 वर्षीय दीपक रैकवार उर्फ टीडे के रूप में हुई है। आरोपी पत्नी का नाम कमला रैकवार है। सिटी कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… पत्नी के मेलजोल को लेकर होता था विवाद मृतक की मां मंगूबाई ने बताया कि कमला रैकवार का कई लोगों से मेलजोल था। इस बात पर दीपक आपत्ति जताता था। इसे लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद होता रहता था। मंगलवार को भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ। बहू ईंट लेकर दौड़ी। लाठी-डंडे से पीटा। दीपक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। वह अक्सर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देती थी। बहू ने ही मेरे बेटे को मार डाला। मारपीट के बाद अस्पताल में मौत दीपक की बहन पार्वती रैकवार ने बताया कि मारपीट में दीपक को गंभीर चोटें आई थीं। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पांच साल मायके में रही, आई तो विवाद बढ़ा स्थानीय लोगों के अनुसार, कमला करीब पांच साल से मायके में रह रही थी। कुछ समय पहले वह वापस लौटी तो उसके साथ एक तीन साल का बच्चा भी था, जबकि दीपक और कमला की पहले से सात साल की बेटी है। इसी बात को लेकर परिवार में तनाव बना हुआ था। शराब की लत से बढ़ता था विवाद मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, दीपक शराब पीने का आदी था। शराब की वजह से घर में अक्सर विवाद होता था। कई बार नशे की हालत में दोनों के बीच कहासुनी और झगड़ा होता था। घरेलू तनाव, आपसी अविश्वास और शराब की आदत ने परिवार की स्थिति और बिगाड़ दी थी। पुलिस जांच में जुटी वारदात की सूचना मिलते ही छतरपुर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। विवाद की वजह, मारपीट की गंभीरता और मौत के असली कारण की जांच जारी है। …………………………….. यह खबर भी पढ़ें हाथों में बेटे का कंकाल लिए बिलखता रहा पिता, VIDEO ‘मेरा बच्चा मेरी आंखों के सामने जल गया…मैं लोगों को बाहर निकाल रहा था, लेकिन अपने बेटे तक नहीं पहुंच पाया। मेरे कलेजे का टुकड़ा अंदर फंस गया। जब तक मैं उसे निकालने दौड़ा, तब तक आग पूरी बस में फैल चुकी थी। मेरे हाथों में अब मेरे कलेजे के टुकड़े का सिर्फ कंकाल बचा है।’ यह कहते-कहते पिता रोने लग गए। पढ़ें पूरी खबर…



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