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झाबुआ जिले के करवड़ पुलिस चौकी क्षेत्र में शांतिलाल पारगी की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को करवड़ चौकी पर प्रदर्शन कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। शांतिलाल पारगी का शव 18 मई को जीवरी नाका मोर के पास मिला था। उनके चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की बर्बरता का पता चलता है। शांतिलाल 17 मई की रात से लापता थे। मृतक की पत्नी रामुडी बाई और परिजनों ने पेटलावद टीआई निर्भयसिंह भूरिया को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें चंवरापाड़ा निवासी मानसिंह, दिनेश, मड़िया और सुखराम पर हत्या का आरोप लगाया गया है। पत्नी का आरोप है कि ये आरोपी लंबे समय से उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। परिजनों का दावा है कि आरोपियों ने रात में ही हत्या कर शव को खेत के पास फेंक दिया था। इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि शांतिलाल ने 29 मार्च 2026 को ही करवड़ चौकी प्रभारी को लिखित आवेदन देकर अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि आरोपी मानसिंह की लड़की के किसी दूसरे गांव के लड़के के साथ भाग जाने के बाद से ही आरोपी उन पर और उनके बेटे पर झूठा शक कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने उस समय आवेदन पर कार्रवाई की होती, तो शांतिलाल आज जीवित होते। परिजनों ने यह भी बताया कि घटनास्थल पर पहुंची खोजी कुत्तों की टीम मुख्य आरोपी मानसिंह मोरी के घर तक गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने अब तक केवल एक आरोपी दिनेश मोरी को पकड़ा है। पेटलावद टीआई निर्भयसिंह भूरिया ने बताया कि पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शांतिलाल पारगी हत्याकांड: परिजनों ने करवड़ चौकी पर किया प्रदर्शन:आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए















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