मंदिरों के कर्मचरियों को विनम्रता की ट्रेनिंग देने के निर्देश:कलेक्टर बोले- भक्तों से व्यवहार विनम्र रखें, दान की राशि भक्तों की सुविधा में खर्च करें




उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को लेकर बुधवार शाम महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में मंदिर प्रशासकों को निर्देश दिए गए कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ मंदिर कर्मचारी विनम्र व्यवहार करें और मंदिरों में प्राप्त दान राशि का उपयोग भक्तों की सुविधाएं बढ़ाने में किया जाए। कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रशासनिक संकुल भवन स्थित कलेक्टर कक्ष में आयोजित बैठक में श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक, काल भैरव मंदिर के प्रशासक एल.एन. गर्ग, मां गढ़कालिका मंदिर, मां हरसिद्धि माता मंदिर और मंगलनाथ मंदिर के प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि मंदिरों में श्रद्धालुओं को सरल और सुलभ दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर कर्मचारियों को श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। बैठक में भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों से कहा गया कि क्राउड मूवमेंट के दौरान क्रॉस मूवमेंट न हो, जूता स्टैंड व्यवस्थित तरीके से संचालित किए जाएं और आवश्यक संकेतक लगाए जाएं। अफवाहों को रोकने के लिए पीए सिस्टम लगाने तथा हर समय मंदिर परिसर में जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि भीड़ का अनावश्यक दबाव न बने, इसके लिए श्रद्धालुओं तक समय पर सही सूचना पहुंचाई जाए। मंदिर परिसरों में भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था रखने और मंदिरों के बैंक खातों में जमा धनराशि का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने में करने के निर्देश भी दिए गए। मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक को सुबह के समय भीड़ अधिक रहने के कारण अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने, शीघ्र दर्शन काउंटर मंदिर के मुख्य भाग के सामने स्थापित करने तथा होल्डिंग एरिया चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। वहीं काल भैरव मंदिर प्रबंधन को श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और छांव जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। मां गढ़कालिका मंदिर प्रबंधन को सामान्य दिनों और पर्व-त्योहारों के दौरान अलग-अलग दर्शन व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मां हरसिद्धि माता मंदिर प्रबंधन को व्यवस्थित जूता स्टैंड संचालन और आवश्यक संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए गए।



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