कटनी आश्रय गृह से तीन नाबालिग फरार:तीन जिलों की पुलिस बेखबर, मंडला में दस्तयाब




कटनी जिले के हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन बालिका आश्रय गृह से तीन नाबालिग लड़कियां आधी रात को ताला खोलकर फरार हो गईं। यह घटना करीब 10 दिन पहले हुई थी। कटनी का प्रशासनिक और पुलिस तंत्र उन्हें ट्रेस करने में नाकाम रहा, जबकि उन्होंने तीन जिलों की सीमाएं पार कर ली थीं। बुधवार को मंडला जिले की निवास पुलिस ने उन्हें संदिग्ध हालत में घूमते हुए दस्तयाब किया। फरार हुई तीनों बालिकाओं की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच है। इन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेश पर इस आश्रय गृह में कड़ी निगरानी और संरक्षण के लिए रखा गया था। सुरक्षा खामियां उजागर बालिकाओं ने आश्रय गृह की सुरक्षा खामियों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर कई दिनों तक नजर रखी थी। करीब 10 दिन पहले, रात लगभग 2 बजे, जब पूरा स्टाफ सो रहा था, उन्होंने मुख्य द्वार की चाबियां चुराईं। ताला खोलने के बाद वे परिसर की ऊंची बाउंड्री वॉल फांदकर फरार हो गईं। रात में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड और निगरानी तंत्र को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब स्टाफ ने रूटीन चेकिंग की और बालिकाएं बिस्तर पर नहीं मिलीं, तब प्रबंधन को घटना का पता चला। आनन-फानन में एनकेजे थाना पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक बालिकाएं कटनी रेलवे स्टेशन पहुंच चुकी थीं। संवेदनशील क्षेत्रों में रहीं नाबालिगें कटनी रेलवे स्टेशन से तीनों बालिकाएं ट्रेन पकड़कर जबलपुर पहुंचीं। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले लगभग नौ दिनों तक ये नाबालिग लड़कियां जबलपुर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में ही भटकती रहीं। रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थान नाबालिगों के लिए मानव तस्करी शारीरिक शोषण और अन्य संगीन अपराधों के लिहाज से सबसे खतरनाक माने जाते हैं। ऐसे संवेदनशील इलाके में तीन नाबालिग लड़कियां नौ दिनों तक घूमती रहीं, लेकिन न तो जीआरपी, न आरपीएफ और न ही स्थानीय पुलिस की नजर उन पर पड़ी। ​ बस से पहुंचीं मंडला, पुलिस की मुस्तैदी से हुआ खुलासा
​जबलपुर में नौ दिन गुजारने के बाद, बालिकाएं बस में सवार होकर मंडला जिले के निवास क्षेत्र पहुंच गईं। यहां की स्थानीय पुलिस को सड़क पर घूम रहीं इन लड़कियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब पुलिस ने रोककर पूछताछ की, तो लड़कियां लगातार बयान बदलती रहीं। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने सच उगल दिया और बताया कि वे कटनी के आश्रय गृह से भागकर आई हैं।
​मंडला पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना कटनी पुलिस को दी। बुधवार को एनकेजे थाने की एक विशेष टीम मंडला पहुंची और तीनों बालिकाओं को अभिरक्षा में लेकर कटनी वापस आई। यहाँ जिला अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें पुनः बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पारिवारिक उपेक्षा की शिकार थीं बालिकाएं
​इस मामले का एक दुखद पहलू यह भी है कि ये तीनों बालिकाएं पहले से ही अपनों की बेरुखी का दंश झेल रही थीं।​ पहली बालिका बिहार की रहने वाली है, जो कुछ समय पहले कटनी रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में भटकती हुई जीआरपी को मिली थी।
​दूसरी बालिका कटनी के ही माधवनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। तीसरी बालिका पड़ोसी जिले उमरिया की निवासी है। ​स्थानीय दोनों बालिकाओं के लापता होने की शिकायत उनके परिजनों ने थानों में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब इन्हें पूर्व में दस्तयाब कर उनके माता-पिता को सौंपने का प्रयास किया, तो परिजनों ने इन्हें साथ रखने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद ही बाल कल्याण समिति ने इन्हें सुरक्षा और संरक्षण के लिए लिटिल स्टार फाउंडेशन भेजा था। सीसीटीवी फुटेज खंगाले कटनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि​ एनकेजे थाना क्षेत्र के हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन बालिका आश्रय गृह से करीब 10 दिन पूर्व तीन बालिकाएं भाग गई थीं। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ अन्य माध्यमों से उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। मंडला पुलिस की सूचना पर बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है। तीनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है और आश्रय गृह की सुरक्षा चूकों की भी समीक्षा की जाएगी।



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