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श्योपुर जिले की कराहल तहसील के मजरा हनुमानखेड़ा के आदिवासी ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। बिजली और पानी की मूलभूत समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरना दिया। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे अपर कलेक्टर रुपेश उपाध्याय ने ग्रामीणों से चर्चा कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। पीएम आवास मिले, लेकिन बिजली से वंचित है बस्ती ग्रामीणों के अनुसार, हनुमानखेड़ा आदिवासी बस्ती में अब तक बिजली के खंभे और डीपी नहीं लगाई गई है। बस्ती के अधिकांश परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के घरों में रह रहे हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण उन्हें अंधेरे में रहना पड़ रहा है। रात के समय रोशनी की व्यवस्था न होने से स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पेयजल के लिए दो किमी का सफर कर रही महिलाएं बस्ती में पानी का संकट गहरा गया है, जिसके कारण ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। भीषण गर्मी में पानी की तलाश में जाने के कारण उनकी दैनिक मजदूरी और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं और बच्चों ने प्रशासन को बताया कि पूर्व में फसल कटने के बाद बिजली लाइन विस्तार का वादा किया गया था, जो अब तक अधूरा है। आंदोलन की चेतावनी दी प्रदर्शन में शामिल किशोर, खन्ना और बचनू आदिवासी सहित अन्य ग्रामीणों ने मांग की है कि बस्ती में तत्काल खंभे लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू की जाए। ग्रामीणों ने बताया कि यदि आश्वासन के बाद भी पेयजल और विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे वापस उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
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कलेक्ट्रेट पहुंचे हनुमानखेड़ा के ग्रामीण , बिजली-पानी को लेकर प्रदर्शन:गेट पर धरने पर बैठे आदिवासी; अपर कलेक्टर ने दिया समाधान का आश्वासन















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