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धमतरी जिले के जैतपुरी गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर मारपीट, दुर्व्यवहार और बर्बरता के आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने वन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं की चूड़ियां तोड़ी गईं, कपड़े फाड़े गए और कई लोगों को घसीटकर ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। अतिक्रमण हटाने पहुंची थी वन विभाग की टीम मामला उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर वन्यप्राणी क्षेत्र का है। वन विभाग के अनुसार, जैतपुरी गांव के लोगों पर करीब 265 एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण और लगभग एक लाख पेड़ काटने का आरोप है। इसी मामले में कार्रवाई करने डीएफओ वरुण जैन वन अमले के साथ गांव पहुंचे थे। इस दौरान अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी को लेकर ग्रामीणों और वन कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने गांव में अचानक दबिश देकर महिलाओं और बुजुर्गों को घरों से बाहर निकाला और उनके साथ बर्बरता की। उन्होंने कहा कि वन विभाग की दंडात्मक कार्रवाई से गांव में डर और अशांति का माहौल बन गया है। साक्षी ने डीएफओ द्वारा लगाए गए प्राणघातक हमले के आरोपों को भी गलत बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन 34 गांवों तक फैलाया जाएगा। 20-25 साल से खेती कर रहे,अब जगा वन विभाग ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि वे पिछले 20-25 सालों से खेती कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग को अब जाकर अतिक्रमण याद आया। ग्रामीणों ने पूछा कि यदि सच में एक लाख पेड़ काटे गए हैं तो उनका रिकॉर्ड और लकड़ी कहां है। उन्होंने वन विभाग से इस पर जवाब मांगा। महिलाओं ने लगाए मारपीट के आरोप गांव की महिलाओं ने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम उनके पतियों को जबरन घर से उठाकर ले गई। विरोध करने पर महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। महिलाओं का कहना है कि उनकी चूड़ियां तोड़ दी गईं और कपड़े फट गए। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें जबरन खींचा गया। विरोध करने पर बच्चों के साथ खींचतान भी हुआ और मारपीट भी किया गया। वीडियो बना रहे युवक को घसीटने का आरोप गांव के एक युवक ने आरोप लगाया कि वह घटना का वीडियो बना रहा था, तभी एक अधिकारी ने उसका गला पकड़ लिया और कपड़े फाड़ दिए। युवक का दावा है कि उसे करीब 500 मीटर तक घसीटा गया, जिससे उसके सीने और पैर में चोट आई है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
धमतरी जिले के जैतपुरी गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर बर्बरता, दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान महिलाओं की चूड़ियां तोड़ीं, कपड़े फाड़े और उन्हें कई मीटर तक घसीटा। यह घटना धमतरी जिले के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर वन्यप्राणी क्षेत्र में हुई। जैतपुरी के ग्रामीणों पर करीब एक लाख पेड़ काटकर 265 एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप है। इसी मामले में कार्रवाई के लिए डीएफओ वरुण जैन वन अमले के साथ जैतपुरी पहुंचे थे। अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी के दौरान ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते झूमा-झटकी शुरू हो गई। ग्रामीणों ने वन अमले पर बर्बरता पूर्वक मारपीट करने का आरोप लगाया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने बताया कि वन विभाग की दंडात्मक नीति और बर्बरता पूर्ण व्यवहार के विरोध में जैतपुरी के सभी ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग ने अचानक गांव में दबिश दी, महिलाओं और बुजुर्गों को घरों से खींचकर निकाला। मनोज साक्षी ने डीएफओ द्वारा लगाए गए ‘प्राणघातक हमले’ के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने ही अशांति का माहौल पैदा किया है। साक्षी ने मांग की कि घटना के समय गांव में मौजूद सभी सक्षम अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह विरोध एक गांव से बढ़कर 34 गांवों तक फैल जाएगा।
बताया गया की 20 25 साल से क़ृषि कर रहे हैं,क़ृषि करने के उपरांत 15 साल के बाद फॉरेस्ट को ध्यान आता है कि वहां पर एक लाख पेड़ कट गए उन्होंने सवाल करते हुए कहा क्या 1 लाख पेड़ एक महीने में कटे क्या एक लाख पेड़ एक सप्ताह में कटे अगर एक लाख पेड़ कटे तो जो बचा हुआ चीज है वह कहां है,जिसको वन विभाग जवाब दें,आरोप लगाते हुए कहा क्या वन विभाग ने उसको बेचा,क्या-क्या है उसको दिखाए। गांव की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि टीम आई और उनके पति को घर से सीधे उठा कर ले गए,जब खुद जाने की भी बात पर ही तो जैसे भी हो उनको भी मारपीट किया गया। आरोप है की हाथ में चूड़ियों को फोड़ दिया गया,और कपड़ा फट गया,उनका कहना है कि वह न्याय चाहती है।महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया की तबीयत खराब होने के बावजूद मारपीट करते हुए धक्का मुक्की करते हुए ले जाया जा रहा था।विरोध करने पर बच्चों के साथ खींचतान भी हुआ और मारपीट भी किया गया और जैतपुरी गांव में हंगामा मचा दिया गया है। गांव के युवक ने बताया कि वह अपने गांव के घर के पास भीड़ देखकर वीडियो बना रहे थे, आरोप लगाया की वीडियो बनाते देख एसडीओ साहब आए और गला को पकड़ा कपड़े को फाड़ दिया गया,साथ में मारते मारते 500 मीटर की दूरी तक घसीटते ले जाया गया। उन्होंने बताया कि उनके सीने में और पैर में चोट आई है।
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