करैरा बगीचा मंदिर विवाद में धरने पर बैठा संत समाज:महंत पर हमले के आरोप के बीच प्रीतम लोधी पहुंचे, ट्रस्ट और जांच की मांग उठी




शिवपुरी जिले के करैरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गहरा गया है। मंगलवार को संत समाज मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गया। पिछोर विधायक प्रीतम लोधी भी सैकड़ों समर्थकों के साथ करैरा पहुंचे और संत समाज को अपना समर्थन दिया। विधायक लोधी ने मंच से प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि संत समाज के मुद्दों पर वे सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे अभी हिंदी में बात कर रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अंग्रेजी में भी अपनी बात रखेंगे और संत समाज के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। धरने के दौरान संत समाज और श्रद्धालुओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। संत समाज ने करैरा एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि बगीचा सरकार मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्तमान में मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों के कारण तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। आरोप- महंत से मारपीट और हमला हुआ
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 9 मई की रात मंदिर के मुख्य महंत राजेंद्र गिरी महाराज के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया था। संत समाज ने भोला पंडित उर्फ सुधीर दुबे और उनके सहयोगियों के खिलाफ निष्पक्ष एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, संत समाज ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, मंदिर की आय-व्यय का ऑडिट, मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर को शासकीय ट्रस्ट अथवा धार्मिक न्यास व्यवस्था के अधीन लाने की मांग भी उठाई है। संत समाज ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर की चढ़ावे की राशि और धार्मिक आय का दुरुपयोग कर निजी संपत्तियां अर्जित की गई हैं। ज्ञापन में भोला पंडित और उनके परिवार की संपत्तियों, बैंक खातों और आय के स्रोतों की आर्थिक जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा, संत समाज ने मंदिर परिसर को भू-माफिया, राजनीतिक और आपराधिक गतिविधियों से मुक्त कराने की भी मांग रखी है। एसडीएम को अलग से ज्ञापन सौंपा
वहीं मंगलवार को करेरा के नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भी एसडीएम को अलग से ज्ञापन सौंपा। इसमें “श्री हनुमानजी मंदिर, बाबा का बाग (बगीचा) धार्मिक सार्वजनिक ट्रस्ट” के विधिवत क्रियान्वयन की मांग की गई। नागरिकों का कहना है कि मंदिर ट्रस्ट का गठन वर्ष 2002 में किया गया था, लेकिन आज तक उसका सही तरीके से संचालन नहीं हो पाया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर पर कब्जा कर रखा है और श्रद्धालुओं से धार्मिक कार्यक्रमों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। नागरिकों ने यह भी कहा कि 9 मई को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की घटना के बाद लोगों में भय का माहौल है। मंदिर की दानराशि और आय-व्यय में पारदर्शिता नहीं होने के आरोप भी लगाए गए हैं। ज्ञापन में मंदिर परिसर से अवैध कब्जा हटाने, ट्रस्ट व्यवस्था लागू करने और स्थायी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। गौरतलब है कि 9 मई को करैरा के बगीचा मंदिर में राम मंदिर की पूजा को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान जमकर लाठी-डंडे चले थे, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। एक पक्ष की शिकायत पर करेरा थाना पुलिस ने धीरज यादव, रवि गुर्जर, महेश गुर्जर, सोनू गुर्जर और कल्लू पाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *