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सीहोर जिले की ग्राम पंचायत रामगढ़ में पांच में से चार गांव — माजरी टोल, पांगरी जंगल, कलापठा और महू बड़ला — में लगे हैंडपंप और नलकूप पूरी तरह सूख चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल संकट से नाराज ग्रामीण अब आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के नाम अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन दो दिन पहले दर्जनों ग्रामीण भोपाल पहुंचे थे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों के नाम विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित गांवों में नए नलकूप खनन की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। एसडीओ पर गलत रिपोर्ट भेजने का आरोप ग्रामीणों ने पीएचई विभाग के एसडीओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों ने मौके की वास्तविक स्थिति छिपाकर वरिष्ठ अधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेजी है। आरोप है कि जिस एक गांव में पानी उपलब्ध है, उसी को आधार बनाकर पूरे पंचायत क्षेत्र में पानी की उपलब्धता दर्शा दी गई, जबकि चार गांवों के हैंडपंप और बोर पूरी तरह सूख चुके हैं। गलत रिपोर्ट और जल संकट को लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि झूठी रिपोर्ट के कारण गांवों में नए नलकूप खनन की प्रक्रिया अटक गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था नहीं की गई, तो पीएचई विभाग और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। खाली बर्तन लेकर किया प्रदर्शन इसी बीच जब सूखे बोरों की सफाई के लिए मशीन गांव पहुंची, तो ग्रामीण महिला-पुरुष खाली बर्तन लेकर मौके पर पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि ग्राम पंचायत रामगढ़ के प्रभावित गांवों में तत्काल नए नलकूप खनन कर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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सीहोर में महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर किया प्रदर्शन:चार गांवों के हैंडपंप सूखे, अधिकारियों पर गलत रिपोर्ट का आरोप, नए नलकूप की मांग















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