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पहले कलाकार काफी बेबाक हुआ करते थे क्योंकि दर्शकों की राय सीधे उन तक नहीं पहुंचती थी। लेकिन अब सोशल मीडिया के दौर में दर्शकों की प्रतिक्रिया तुरंत मिल जाती है, इसलिए कलाकार अब काफी सोच-समझकर बोलते हैं। सोशल मीडिया ने कलाकारों और दर्शकों के बीच की दूरी कम कर दी है। यह बात बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना ने मंगलवार को इंदौर में कही। दरअसल वे अपनी आगामी कॉमेडी फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ के प्रमोशन के लिए इंदौर आए थे। जो 15 मई को रिलीज होने वाली है। उनके साथ इस फिल्म की एक्ट्रेस रकुल प्रीतसिंह भी थी। दोनों कलाकारों ने फिल्म, सोशल मीडिया, कॉमेडी, ओटीटी और अपने निजी अनुभवों को लेकर खुलकर बात की। आयुष्मान ने कहा कि पहले इस नाम से कलाकार संजीव कुमार की फिल्म बनी थी। इसके बाद एक और फिर बनी और अब यह रिलीज होने जा रही है। ‘पति पत्नी और वो दो’ की कहानी अलग है, लेकिन फिल्म की आत्मा पहले वाली क्लासिक कॉमेडी जैसी ही है। उन्होंने कहा कि पुरानी फिल्म के गाने आज भी लोगों को याद हैं। उन्होंने अपने किरदार के बारे में बताते हुए कहा कि फिल्म में उनका किरदार एक पत्नीव्रत पति का है, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि पत्नी को उसके अफेयर का शक होने लगता है। इसी घटनाक्रम में हास्य पैदा होता है। हर बार एक जैसी कॉमेडी नहीं कर सकता आयुष्मान ने कहा कि उन्होंने अलग-अलग तरह की कॉमेडी फिल्मों में काम किया है। ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी फिल्में बेहद सफल रही हैं, लेकिन वे हर बार एक जैसी कॉमेडी नहीं करना चाहते। वे हर फिल्म में कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने अभिनेता गोविंदा की कॉमेडी को अपना पसंदीदा बताया। अगर पुरुषों में मातृ हृदय आ जाए तो हिंसा खत्म हो जाए आयुष्मान ने कहा कि उनकी मां और पत्नी दोनों का उनके जीवन में बड़ा योगदान है। धैर्य उन्हें अपनी मां से मिला है। मेरी मां कहती हैं कि मेरे अंदर मातृ हृदय है। अगर सभी पुरुषों में मातृ हृदय आ जाए तो दुनिया से हिंसा खत्म हो सकती है। इंदौर के पोहे-जलेबी हमेशा याद रहते हैं आयुष्मान ने कहा कि वे पहले भी शहर आ चुके हैं और यहां के पोहे-जलेबी तथा खानपान के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने इंदौर में शूटिंग नहीं की है, लेकिन भविष्य में यहां शूट करना जरूर चाहेंगे। सोशल मीडिया जरूरी भी है और चुनौती भी रकुल प्रीत सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए कलाकार सीधे दर्शकों से जुड़ पाते हैं, लेकिन इसका जीवन पर असर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहले काम के बाद परिवार और दोस्तों के साथ सामान्य तरीके से समय बिताना आसान था, लेकिन अब सोशल मीडिया हर समय प्रभाव डालता है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते दौर और तकनीक के साथ खुद को ढालना जरूरी है। रकुल ने कहा कि किसी फिल्म को चुनने के पीछे कई बातें मायने रखती हैं, जैसे कहानी, किरदार, निर्देशक, निर्माता और सह कलाकार। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उन्हें ग्रे शेड वाला किरदार करने का मौका मिलता है तो वे जरूर करना चाहेंगी। उनके अनुसार यह प्रयोग करने का सबसे अच्छा समय है क्योंकि दर्शक अब नए तरह के किरदारों को स्वीकार कर रहे हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रकुल ने कहा कि फिलहाल इसका दौर अच्छा चल रहा है, लेकिन थिएटर और ओटीटी का अनुभव अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि सिनेमाघरों की अपनी अलग पहचान और महत्व हमेशा बना रहेगा। कॉलेज में मस्ती, छप्पन दुकान पर लिया स्वाद का आनंद मीडिया से बातचीत के बाद दोनों कलाकार शहर के एक कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों के साथ फिल्म के गानों पर डांस किया और युवाओं से बातचीत की। इसके बाद दोनों ने 65 दुकान पहुंचकर इंदौर के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद लिया। रकुल ने कहा कि इंदौर के लोग बेहद अच्छे और स्वागत करने वाले हैं। उन्होंने पोहे, जलेबी और चाट की जमकर तारीफ की। साथ ही कहा कि मध्य प्रदेश में एक अलग सकारात्मक माहौल और अपनापन महसूस होता है।
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सोशल मीडिया के दौर में कलाकार अब सोच-समझकर बोलते हैं:इंदौर आए एक्टर आयुष्मान खुराना बोले- हर फिल्म में कुछ नया करना चाहता हूं; छप्पन दुकान भी पहुंचे















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